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हिंदी कविताएँ

Posted by on January 17, 2022

 

https://asianmideast.duke.edu/news/poetry-jagdish-vyom-taking-hindi-textbook-real-life

 

डयूक विश्वविद्यालय 

माध्यमिक हिंदी 

कविताएँ

 

 

कुछ नहीं 

एक बच्चा सूरज से खेल रहा है 

उसकी माँ भी उसके साथ खेल रही है

उसका पति उन्हें खेलते देख रहा है

लापरवाही, चिंता मुक्त सा 

दिन कितना सुंदर है

आसमान में एक भी बादल नहीं है

जैसे इस परिवार की तरह धरती भी मस्ती कर रही है

इस बगीचे से परे, जीवन एक जैसा नहीं है

हर कोई इतना खरीद रहा है

इतना चिंतित हो रहा है

और इतने दबाव में रह रहा है

हर कोई हमेशा कहीं न कहीं  व्यस्त है

लेकिन यह बगीचा अलग है

यहाँ, जीवन धीमा हो जाता है

जैसे एक छोटा बच्चा धीरे होता है

मैं अभी बाहर से आया हूँ

पर मैं बाग का कायल हूँ

अभी मैंमैं लापरवाह हूँ 

माना जीवन संघर्ष से भरपूर है

लेकिन, बगीचे से परे भी, खेलने के बहुत सारे कारण हैं ।

 

 

हर्ष श्रीजय     Harsha Srijay 

 

 

———————————

 

आँख से आँख

आँख से आँख 

दिल से दिल 

दिमाग़ से दिमाग़ 

दो मन का मिलन

सपने एक विचार पैदा करते हैं 

सबसे बड़ा अविष्कार

विनिमय के माध्यम से पैदा हुआ 

पूरे इतिहास में

वत्सों और क्रिक 

पेज और बरीं 

जय-ज और बीयान्से 

टीम वर्क से समाज की समस्याओं का समाधान

दुनिया की समस्याओं को हल करने के लिए 

जलवायु परिवर्तन, युद्ध, और वैश्विक भूख 

हमें एक साथ काम करना चाहिए 

चलो अब शुरू करते हैं 

उठ जाओ 

चलो चलें परिवर्तन क्षितिज पर

एक साथ दुनिया बदलें।। 

 

 

 

प्रथमेश रामास्वामी    Pratamesh Ramasubramanian 

 

 

 

 


बहुत रात है। 

शनिवार।

मैं एक बादल पर बैठा हूं। 

दूर 

तुरही बजाते हैं। रोशनी चमकती है ।

मकई चबूतरे । चूल्हा चलता है

घर के चारों ओर दौड़ रहा है। 

रोशनी बंद करें!

मैं प्रतीक्षा करता हूं और प्रतीक्षा करता हूं। 

सस्पेंस बनता है

यह लगभग वो समय है। 

जैज़ मेरे कानों में है। यह मेरे कानों के लिए संगीत है

टीवी के माध्यम से, मैं शहर में हूँ

माइकल चे. पीट डेविडसन। कीथ थॉम्पसन। मेरे सभी पसंदीदा अभिनेता।

वे चुटकुले सुनाते हैं। दृश्य शुरू होता है।

लेकिन यह शो के बारे में कभी नहीं था।

यह इतना अच्छा नहीं है

यह जैज़ नहीं है। तुरही नहीं। मजाक नहीं

कारण …

मैं अपनी बहन के साथ हूं। 

एक साथ हंसना। 

अपने परिवार के साथ गा रहा हूं।

सैटरडे नाइट लाइव घर जैसा लगता है

और, हंसी मुझे घर ले जाती है।

 

 

 

निश सिंगराजू     Nish Singaraju 

 

 

 


घर और मकान 

एक घर और एक मकान,

इनके बीच में बहुत फ़र्क़ है

पैसे से मकान ख़रीद सकते हैं

यह सिर्फ़ एक इमारत है

लेकिन

घर अलग है

घर पैसे से नहीं ख़रीद सकते

एक घर में 

बच्चे लुका छुपी खेलते हैं

माँ खाना बनाती है

और सुगंध सब जगह रहती है

यह है एक घर

खेलते खाते लोग 

ज़मीन, दीवार, और कमरे

यह है एक घर

घर इमारत से कुछ ज़्यादा है

मेरे लिए मैं घर में हूँ

जब मैं परिवार के साथ हूँ

और

जब मैं दोस्तों के साथ हँस रही हूँ

मकान और घर में यही बारीक सा फ़र्क़ है ।

 

 

 

यशा कुलकर्णी     Yasha Kulkarni 

 

 

 


ज़िंदगी 

ज़िंदगी छोटी सी है

सब कुछ करो जब तुम युवा हो 

नए-नए देश देखो 

नया-नया खाना खाओ 

नए-नए खेल खेलो 

दोस्तों के साथ हँसो 

धूप में बाहर दौड़ो

खुश रहो 

बिस्तर पर सोओ 

देर तक।

भारत जाकर ताजमहल देखो 

किसी से प्यार करो। 

दोस्तों से बात करो 

पार्टी में नाचो 

नई भाषाएँ सीखो 

बहुत कम काम करो और बहुत आराम करो 

फिल्में देखो 

पहाड़ों पर जाकर चाय पियो 

नई चीजों से न डरो 

मज़े करो और अपने माता-पिता को मत भूलो 

क्योंकि माता-पिता ने ज़िंदगी दी है

 

श्री एल्लंकि      Sree Yellanki

 

 

 


हमारी दुनिया

 

पीले, नीले और लाल फूल

सितारों और चाँद से भरी रातें

दिन आसान हैं फूलों के साथ

खूबसूरत है जिंदगी

 

सड़क पर बारिश की आवाज़

और गुलाबी आसमान की सुबह

सभी बुरी बातें 

पृथ्वी की सुंदरता में डूबाे

 

हरी भरी पहाड़ियों पर दौड़ना

ऊपर नीचे, नीचे ऊपर

गहरे नीले समुद्र में तैरना

लहरें के पीछे भागना

 

चेहरे पर तेज, धूप का अहसास

और ताजी हवा की महक

लोगों के अलग अलग विश्वास

प्रकृति की चमक

पृथ्वी की रक्षा करो

प्रदूषण और बुरे लोगों से,

दुनिया तुमको बुला रही है: बदलो!

चलो करते हैं अच्छे काम!

 

समाया पत्तिम      Samaya Pattim 

 

 

 


 

प्रकृति की आवाज़ 

बैंगनी कलम,

पानी पर चमक, 

लाल, हरे, गुलाबी फूल बगीचे में 

हरे भरे पेड़ 

और थोड़ी सी धूप भी 

ज़्यादा लोग घूमते हैं, बगीचा देखते हैं 

और कहते हैं  “वाह, वाह, बहुत सुंदर”।

“ख़ुशबू फूलों की बेहतरीन” 

सूरज की रोशनी से 

फूल से चमकता है

और तालाब का पानी भी 

लोगों की हँसी ज़ोर से सुनाई देती है 

पेड़ों  की आवाज़ भी 

हवा में पत्तों की  

सुरसुराहट सुनी जा सकती है। 

कुछ पक्षी चहक रहे हैं 

ज़ोर से नहीं, क्योंकि बच्चों की हँसी तेज है 

ये आवाज़ें  हैं 

प्रकृति की। 

 

सहाना गिरीधरन     Sahana Giridharan 

 

 

 


राखी

अठारह साल तक मैंने अपने माता-पिता से कहा मुझे कुत्ता चाहिए 

हर बार उन्होने कहा “नहीं” 

“घर गन्दा होगा”

“सोफा ख़राब होगा“

“कुत्ते के साथ बहुत काम हैं”

“हम बीमार हो जायेंगे”

लेकिन 2019  रक्षा बंधन को, हमें अपना कुत्ता मिला 

इसी वजह से मेरे कुत्ते का नाम राखी है

वह  बड़ा और सफ़ेद है 

उसकी पूंछ मजबूत है 

उसके सिर से घर  की खुशबू आती है 

वह सबसे प्यार कुत्ता है

जब मैं घर जाती हूँ , मैं राखी से मिलती हूँ 

माता-पिता को राखी एक बच्चा जैसा लगता है  

पिछले कुछ सालों से, मेरे माता-पिता चुप हो गए 

अब, वे अधिक धैर्यवान हो गए 

अधिक समझदार हो गए 

राखी ने हमारी ज़िंदगी बदली 

इसकी वजह से, हमारा परिवार अब सुखी है 

राखी के त्यौहार की तरह।।

रचिता गोवडू      Rachita Gowdu 

 

 

 


साथ-साथ

जब मैं बड़ी हो रही थी 

मैं सोचती थी कि

मेरा प्यार उद्दात होगा 

और हम धूप में बैठेंगी 

साथ-साथ

लेकिन प्रेम आज़ादी नहीं है

अब मैं खाना बनाती हूँ

चूल्हे के पास खड़ी 

और घना धुआँ मुझे खांसी देता है

अगर मैं परेशान होती हूँ 

तो भी मुझे नहीं मालूम 

क्योंकि मैं केवल ख़ुद को देखती हूँ

पड़ोसियों के विचारों में 

तो मैं अपनी झाड़ू उठाती हूँ

और जीवन के बारे में  

इन सवालों को

बुहारती हूँ

मेरी लकड़ी की लड़की 

मेरे लिए जलो

 

पिप्पा लोथर     Pippa Lother

 

 

 


चिड़ियाँ

सूरज गर्म है

और हवा सर्द

और आहिस्ता 

धीरे धीरे हवा से पत्तियाँ  हिलती हैं

हवा से, पत्तियाँ गिर गईं 

और पत्तियाँ चिड़ियाँ बन गईं 

लेकिन जब से सर्दी आई 

चिड़ियाँ दक्षिण में उड़ गईं 

कुछ पत्तियाँ तालाब की सतह पर बैठ गईं 

कुछ पत्तियाँ कमल पर रहती हैं

पानी के नीचे मछलियाँ उतरती हैं

मछली मछली के पीछे भागती हैं

पीली मछली सफ़ेद मछली के साथ गोल गोल घूमती है।

सूरज नीचे झुका 

और चन्द्रमा ऊपर चमका

अब भी बहुत लोग उन्हें देखते हैं।

लेकिन रात में कोई पत्ती और कमल को नहीं देखता।

पत्ती नदी में बहती है।

लेकिन कमल तालाब में रहता है।

सब उसे पसंद करते हैं

कोई उस कमल की पत्ती को नहीं देखता।

 

 

मिहिर पटेल      Mihir Patel 

 

 


मिट्टी

यह कठिन हो जाता है,

पीले फूल जैसे सुंदर,

लाल पक्षियों जैसे ज़ोरदार,

नीली नदी जैसे शांत,

मैंने अपनी आंखें बंद कर ली।

आप भी बंद कीजिए।

कल्पना,

थोड़ा सा पानी और मिट्टी,

आपका कुछ जादू,

 

आपकी हथेली में बह रही है,

मनचाहे आकार में ढालें,

उन्हें ध्यान से रखें,

 

धीरे धीरे,

गिरते पत्तों को परेशान मत करो,

उनका कोमल स्वभाव,

 

उन्हें अपने हाथों से आकार दें,

उन्हें परवाह दिखाओ,

और उन्हें रूपांतरित होते हुए देखें,

 

जब यह आपके हाथों में हो,

अपनी उंगलियों के खिलाफ दबाया, 

 

मनीषा भट्टाराय    Manisha Bhattarai

 

—————————-

 

मछली

मेरी मछली, मलिका रावल  

मेरी ज़िन्दगी मैं एक मछली आयी   

और बस दो हफ्ते मैं मर गयी   

क्या इसका कोई मतलब है ? 

क्या ज़िन्दगी इतनी जल्दी ख़त्म होती है ? 

हमको महसूस भी नहीं होता  

जब ज़िन्दगी ख़त्म हो जाती है।  

इसलिए हम को हर दिन ख़ुशी से जीना है।  

और जियो जैसे आखरी दिन है।  

एक मुस्कान के साथ जागो।  

और दुनिया जीत लो !  

 

सुप्रिसे

चॉकलेट सुप्रिसे , मलिका रावल।  

एक दिन, मेरा भाई उदास था।  

मैंने पूछा , क्या हुआ ? 

अर्जुन (मेरा भाई ) ने, कुछ नहीं बोला 

फिर मैंने एक तरीका निकाला 

अर्जुन को चॉकलेट पसंद है  

मैंने बहुत सारी चॉकलेट खरीदी  

अर्जुन खुश हुआ।  

फिर मैंने पूछा  क्या हुआ।  

वह बोला कुछ नहीं।  

 

 

मलिका रावल     Malika Rawal

 

 

 


 

मैं तुम्हें इतना क्यों चाहता हूँ?

मैं तुमको चाहता हूँ ।

तुम्हारे बिना, मेरा आज नहीं, 

चलो शुरू करते हैं 

तुम्हारे साथ, 

मैं इस वक्त में तुम्हारे रहना चाहता हूँ 

 

मैं सोचता हूँ

कि मैं बहुत खुश हूँ 

क्योंकि मैं तुमको जानता हूँ ।

हर सुबह, तुम यहीं मेरे लिए हो। 

लेकिन हर रात तुम नहीं हो, लेकिन यह ठीक है।

अगली सुबह, तुम फिर यहीं हो, मुझमें रुकी।

जब मैं काम करता हूँ, मैं तुम्हारे साथ हूँ। 

मैं तुमसे बस तीन साल पहले मिला था।

जब मैं संघर्ष कर रहा था।

 

लेकिन तुम, बहुत महान हो । 

तुम दयालु, और बहुत काम की चीज़ हो।

हर चीज़, जो तुम्हारी मुझे चाहिए।

 

लेकिन, कभी कभी, मैं सोचता हूँ

कि क्या ये प्यार मेरे लिए ज़रूरी है?

क्या मैं तुम्हारे बिना पूरा हूँ ।

 

क्या मैं किसी चीज़ को प्यार कर सकता हूँ?

जिसका कोई रूप नहीं  है,

तुम्हारा एक सिप, मुझे ताज़गी देता है,

ओ मेरी कॉफ़ी, मैं तुम्हें इतना क्यों चाहता हूँ?

 

किरन लेले   Kieran Lele

 

 

 


जब मैं छोटा था

जब मैं छोटा था तो गर्मी का मौसम हुआ करता था।

हम दोस्त हुआ करते थे और एक दूसरे के पास रहते थे.

हम एक साथ खाते-पीते थे।

हम साथ में बातें करते थे।

हम कई घंटे बाहर रहते थे।

हम कई खेल खेलते थे।

हम रोज एक दूसरे को देखा करते थे।

हमारे माता-पिता हमें घर आने के लिए कहते।

लेकिन जब सर्दी हुई तो बाहर ठंड हो गई।

हम घर नहीं छोड़ सकते थे लेकिन हम छोड़ना चाहते थे।

हम बाहर नहीं खेल सकते थे लेकिन हम बाहर जाना चाहते थे।

हम एक-दूसरे से नहीं मिल पाए लेकिन हम एक-दूसरे से मिलना चाहते थे।

मैं बहुत दुखी था और मेरा कोई दोस्त नहीं था।

मैं अपने कमरे में कई हफ्तों तक रहा।

मैं अपनी माँ का किसी भी खाना नहीं खाना चाहता था।

सर्दियों के अंत तक, मुझे अपना कमरा पसंद नहीं आया।

बसंत आया और वह फिर गर्म हो गया।

मैं आखिरकार अपने सबसे अच्छे दोस्त को देखने के लिए बाहर गया।

मैंने तुम्हें मुस्कुराते और हंसते देखा लेकिन तुम दूसरे दोस्त के साथ थे।

मैंने सीखा कि किसी के प्यार पड़ना कैसा होता है। 

 

धनशील मुरलीधरन   Dhanasheel Muralidharan

 

 


 

“हॉट चॉकलेट” 

मेरी जुड़वां बहन के लिए 

  

काश हम फिर से घर में होते, 

ताकि मैं देख सकता जब तुम पूरे घर में दौड़ती, 

तुम्हारे छोटे हाथ, मेरी पीठ के पीछे फैले हुए 

और तुम जुलाई में क्रिसमस गाने गाती । 

काश मैं देख पाता जब माता-पिता ने 

तुम्हें बड़े होने के लिए कहा था 

काश मैं तुमसे कह पाता कि कभी बड़ी मत होना। 

  

सब लोग बूढ़े हो जाते है, लेकिन सब लोग बड़े नहीं होते। 

तुमने मुझे यह सिखाया। 

तुम्हारी मुस्कान, चाँद की तरह बड़ी और सफेद, 

और तुम्हारी बड़ी भूरी आँखें, सूरज की तरह चमकीली। 

  

तुम कहती हो कि मेरी कोई भावना नहीं है क्योंकि मैं कभी नहीं रोता । 

यह सच नहीं है, तुम्हारी यादें 

मुझे रुलाती हैं  

जब तुमने मुझे पाँच डॉलर भेजे थे 

और लिखा था 

“इससे हॉट चॉकलेट ख़रीदना”। 

  

शायद तुम बड़ी हो गई हो। 

शायद तुम वह लड़की नहीं हो।

जो हर शनिवार की सुबह मेरे कमरे में दौड़ती थी 

एक काले गोरिल्ला सूट में 

गाना गाते 

और मुझे हिलाते जब तक मैं जाग नहीं जाता । 

  

तो मेरी बहन  

अब और बड़ी मत होना  

हमेशा वो लड़की रहो  जो वोल्डेमॉर्ट से डरती थी 

क्योंकि उसकी एक नाक नहीं थी। 

मुझे कभी नॉक नॉक जोक्स बताना बंद मत करो 

कभी मुझको हॉट चॉकलेट पिलाना 

बंद मत करो ।

इससे मुझे ख़ुशी मिलती है। 

और शायद तुम्हें भी। 

 

 

अश्विन कुलश्रेष्ठ   Ashwin Kulshresha

 

 


यादें 

एक गाना जो मैं हर दिन सुनती थी 

खो गया है 

और मैं कभी उसे नहीं ढूंढ पाऊँगी 

पहले कुछ दिनों

मैं सिर्फ़ दो तीन शब्द 

भूल गयी

पता नहीं क्या हुआ 

एक दिन मैं उठी तो  

मुझे कुछ नहीं याद था 

यह गाना किसी रेडियो पर नहीं मिलेगा 

क्योंकि उसकी आवाज़ उसके साथ ही मर गई 

उस सुर में हँसी 

स्वर में मिठास 

कमरे में भर देती थी रौनक

लेकिन अब कहीं गुम है 

खामोशी के साथ 

 

अनु अग्रवाल   Anu Aggarwal 

 

 

 

 

 

 


छोटी सी ख़ुशी

इस दुनिया के पास हमें नीचे धकेलने का एक तरीका है

यही हम सोचते रहते हैं 

लेकिन छोटी सी  ख़ुशी सब जगह मिलती है

आप ढूंढोंगे तो आप को भी दिख जाएगी। 

दोस्त के गले लगने में

रोशनी कि चमक पेड़ के पत्ते पे गिरने में

खोया हुआ दोस्त 

अनजाने लोग के साथ समानताऎं खोजने में

खाना साथ खाने में

किसी के चेहरे पर मुस्कान लाने में

एक उदास दिन पर इंद्रधनुष देखने में

जितना दुख इस दुनिया में हमें दिखता है उससे कहीं ज्यादा खुशी भी छिपी हुई है

आप ढूंढोंगे तो आप को भी दिख जाएगी। 

यह छोटी छोटी सी खुशी मिलकर बड़ी हो जाएगी। 

 

अनेरी तना    Aneri Tanna

 

 


पतझड़

जब हम वसंत में मिले थे,

सूरज इतना चमकीला था

सब कुछ हरा था । 

जो पेड़ हमने तब लगाया था, 

हमारे सिर से ऊँचा हो गया है । 

मैं तुम्हारे साथ थी, 

जब फूल खिले

सुंदर गुलाबी, बैंगनी, लाल। 

पतझड़ में, 

फूल लंबे समय से बिछड़ गए हैं। 

पंखुड़ियाँ धुल गई हैं, 

और पत्ते गिर चुके हैं।   

आंखों के भूरे रंग की तरह । 

खोए हुए फूल

और कड़ाके की ठंड।

रंग सब चला गया, 

लेकिन मैं सिर्फ मटमैलापन ​देख सकती हूँ । 

क्या मुझे इस पेड़ को पानी देना चाहिए?

क्या वह वसंत फिर आएगा?

क्या फूल खिलेंगे?

क्या हम अपने पेड़ के नीचे मुस्कुराएंगे जैसे हम करते थे?

क्या अनुपजाऊ शाखाओं में उम्मीद है?

फूलों के बिना,

क्या हम क़ायम रह पाएँगे ?

एक हरा-भरा पेड़

हमेशा नहीं रह सकता। 

लेकिन ठंड कभी खत्म नहीं होती।

 

आरुषि वेंकटकृष्णन   Arushi Venkatakrishnan

 

 

 


ताल

ज़िंदगी की आवाज़। 

एक मिनट में सत्तर बार आती है।

कभी कभी जल्दी। 

कभी कभी धीरे। 

यह है ज़िंदगी की रफ़्तार।

आवाज़ ज़िंदगी में चली आती। 

जब मेरा हाथ ज़मीन को छूता है

ऊर्जा मिलती है

मेरे पैर को।

मेरे दिल को।

मेरे सिर को।

मेरे मन को।

पूरे शरीर से ऊर्जा आती है।

अब आवाज़ मजबूत है।

मैं आवाज़ से घिरा हुआ हूँ।

मेरे पास कोई विकल्प नहीं है।

मैं मिल जाऊंगा।

ज़िंदगी की रफ्तार में

 तबले की आवाज़ ज़िन्दगी का आवाज़ है।

हर धड़कन के साथ हम जीवन का थोड़ा और आनंद लेते हैं

 

आर जे शाह   R J Shah


सही सवाल 

क्यों ?

क्यों तुम काम बहुत करती हो ?

सुबह जल्दी 

देर रात तक 

क्यों ?

कहाँ से तुम्हें विचार आते हैं ?

क्या पैसे के लिए ?

क्या शोहरत के लिए ?

नहीं नहीं, ये सवाल गलत हैं, तो  

फिर किसके लिए ? 

बैठना 

बगीचे में पेड़ और बेंच है | 

कोई खास और खूबसूरत नहीं

लेकिन मुझे खास लगते हैं 

जब मैं वहाँ बैठता हूँ |

मुझे याद आते हैं |

गर्मी के दिन 

जब मैंने उससे बात की थी

और मैंने सीखा 

कैसी खूबसूरत दुनिया है | 

 

ऋतिक कसतेलिनो   Rithik Castelino


डयूक विश्वविद्यालय 

प्राथमिक हिंदी 

कविताएँ

बहुत दूर होते हुए भी 

मुझे अपने परिवार से बहुत प्यार है. 

क्योंकि दिल बहुत करीब है. 

मेरा परिवार मेरी मदद करता है. 

गुस्से में भी मेरा परिवार मेरे साथ है. 

मेरा परिवार मेरी चट्टान है. 

और मैं हर दिन उनको प्यार करता हूँ.

वैभव शर्मा    Vaibhav Sharma

 


मेरा घर, मेरा परिवार |

परिवार में रहे खुशियों का बहार |

खाना मिले ताज़ा |

खुला रहे दरवाज़ा |

लोग आते और जाते हैं |

सबसे बात करते हैं |

बच्चे बाहर खेलते हैं |

बड़े फिल्म देखते हैं |

मेरा घर, मेरा परिवार |

परिवार में हमेशा रहे प्यार |

 

स्पंदन गोयल    Spandan Goel

 


मेरी बेटी

तेरा कमरा गंदा है |

लेकिन कल तू और तेरे दोस्त यहाँ नहीं थे |

जब तू छोटी थी, तू मेहनती थी |

लेकिन तू आलसी है अभी |

मैं बोलती हूँ “कमरा साफ कर” रोज़ |

लेकिन तेरा कमरा हमेशा गंदा है |

जब तू पांच साल की थी, कमरा साफ था  |

जब तू दस साल की थी, कमरा साफ था 

मैं नहीं जानती क्यों कमरा गंदा है ?

लेकिन मैं हमेशा प्रेम करती हूँ तुझसे |

शुबा  प्रसाद      Shuba Prasadh

 


रात में मैं जागता हूँ ।

बाद में मैं पढ़ता हूँ ।

दिन में मैं हँसता हूँ ।

मेरी माँ कॉल करती हैं ।

लेकिन मैं खाना खाता हूँ ।

दिन में मैं काम करता हूँ ।

बाद में मैं सोता हूँ ।

लेकिन मैं फ़िल्म देखना चाहता हूँ ।

मेरी माँ को फ़िल्म बहुत पसंद हैं ।

लेकिन मैं पढ़ता हूँ ।

 

संजित बेरीवाल    Sanjit Beriwal

 


मेरा घर गर्म है

मेरा घर प्यारा है

मेरा घर बड़ा है

मेरा घर छोटा है

मेरी माँ मेरे घर में है

मेरी बहन मेरे घर में है

मैं अपने बिस्तर पर सोती हूँ

मैं अपने बिस्तर में सपना देखती  हूँ

मुझे अपना घर पसंद है

मुझे अपने घर की याद आती है

संजना झा    Sanjana Jha

 


मेरा परिवार 

 बहुत प्यारे और मजे के लाेग

 मेरे सबसे अच्छे दोस्त  

 मेरा भाई बहुत चालाक  

 मेरी मां बहुत  बातूनी 

 और मेरे पिताजी बहुत होशियार 

 मुझे अपने परिवार से प्यार है 

 और वे मुझे बहुत प्यार करते हैं  

परिवार प्यार है  

परिवार ही सब कुछ है  

सबीना तनेजा     Sabina Taneja

 


मुझे अपना परिवार पसंद है। 

मुझे अपने दोस्त पसंद हैं। 

मुझे फूल पसंद हैं। 

मुझे जानवर पसंद हैं। 

मुझे बगीचे पसंद हैं। 

मुझे बिरयानी पसंद है। 

मुझे आम का लस्सी पसंद है। 

मुझे नाचना पसंद है। 

मुझे मज़े लेना पसंद है। 

 

रूही मुहम्मद     Roohi Muhammed

 

 


फिर मिलेंगे

चार साल पहले 

दयूक बहुत नया था । 

अभी यह स्कूल है मेरी दुनिया

यहाँ बहुत सारे लोग मुझे खुशियाँ देते हैं

और बहुत सारी यादें बानते हैं । 

रोज़ बहुत काम करना है

लेकिन सब लोगों के साथ बहुत हसना भी है । 

सिर्फ पाँच महीने में 

एक नया रास्ता हम लेंगे 

और सब कुछ फिर हो जाएगा 

 

रिया जैन     Rhea Jain

 

—————

मेरा एक परिवार है। 

एक माँ, एक बहन और एक पापा। 

मेरी माँ खाना बनाती है। 

मेरे पापा बर्तन साफ करते हैं। 

मेरी बहन काम करती है। 

और मैं घास काटता हूँ। 

कल मैं उदास था 

लेकिन आज मैं खुश था 

कल मौसम अच्छा था।  

लेकिन आज का मौसम बढ़िया है 

 

प्रणय जैन     Pranay Jain 

 

 


मेरी नाम निशांत है

मेरी नाम  मतलब मतलब  रात का अंत

या एक नई शुरुआत

एक गिलास आधा भरा या आधा खाली

चांद नीचे जाना

 सूरज  यूपी  जाना

एक दरवाज़ा बंद

एक ताज़ा दरवाज़ा खुलता है

मेरा नाम दो हैं

आप मतलब  चुनें

निशांत वांगनू      Nishant Wangneo

 


मेरा परिवार सुंदर है  

मेरा परिवार मजबूत है  

मेरा परिवार साफ है  

मेरा परिवार में चार लोग है  

मेरे परिवार में एक कुत्ता हैं   

मेरे परिवार में प्यार है  

मेरे परिवार ठीक है  

हमारे परिवार है तेरा परिवार  

हमारे प्यार है तेरा प्यार  

मेरे घर आओ  

निर्वाण सिलस्वाल      Nirwan Silswal 

———————–

मेरा परिवार अच्छा है। 

वो हैदराबाद से है |  

आजकल वे  ह्युस्टन में रहते हैं।  

लेकिन मेरे परिवार को डरहम पसंद है  

मेरे परिवार में माता-पिता और एक बहन है ।  

उनका नाम श्रीवल्ली ,पट्टाभि ,और चांदना है।  

मेरा परिवार  शिक्षक है।  

और हमारा  घर विद्यालय है।  

मेरा परिवार खूबसूरत है।  

मेरा परिवार  बहुत अच्छा  है। 

 

कार्तिक चमारती     Kartik Chamarti

 


मेरा परिवार बड़ा है,

लेकिन हमारा प्यार मजबूत है| 

हमारा परिवार एक जंगल है 

और हर कोई जरूरी है| 

मेरी माँ तीन बहनों में सबसे बड़ी हैं।

मेरी माँ हाथी है, बुद्वि और चतुर| 

मेरे पिता जी नौ भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं।

मेरे पिता जी पांडा हैं, दयालु और मेहनती| 

मेरी बहन सियार है, शरारती और चालाक|

मेरी केवल एक बहन है, और हम बहुत करीब हैं| 

और मैं, मैं शेर हूँ , बहादुर और महान| 

हम दूसरे से प्यार करते हैं, 

और जंगल में खुश हैं| 

हविष मल्लादी     Havish Malladi

 


मेरा परिवार

मेरे परिवार में माता-पिता, बहन, और नाना-नानी हैं।

कुछ लोग अमेरिका में रहते हैं।

बाकी लोग भारत में रहते हैं।

दादी यहाँ नहीं, लेकिन हमारे दिल में हैं।

दादाजी दादी के साथ हैं।

मैं और मेरी बहन अच्छे दोस्त हैं।

हमको गाना, टीवी देखना, और फुटबॉल खेलना पसंद है।

मेरे परिवार में बहुत प्यार है।

 

दिव्या नटराज     Divya Nataraj

 

 

 

 


मेरा परिवार 

छोटा सा परिवार यह हमारा

ना कुछ मेरा ना तुम्हारा 

माँ बाप को सादर नमस्कार 

छोटी बहन से बहुत प्यार

ऑस्कर(हमारा कुत्ता) भी है नटखट

दौड़ता है यहाँ वहाँ सरपट

बहुत याद आती है घर परिवार की

जब आते हैं जन्मदिन और दिवाली

जल्दी छुट्टीयों में मैं वापस घर जाऊँगा

सबको बार बार गले लगाऊँगा

 

आयुष गौर     Ayush Gaur

 

 

 


मेरे परिवार  में छह लोग हैं। 

मेरा भाई सबसे छोटा है। 

लेकिन उसकी आवाज़ सबसे ज़्यादा है। 

मेरी बहन उससे चार साल बड़ी है। 

वह हमारे परिवार की मछली है। 

वह रोज़ तैरती है। 

और मेरी  एक जुड़वा बहन भी है। 

हम दोनो घर में नहीं रहतीं

लेकिन हम वापस जाती हैं। 

हमारे माँ-बाप बहुत अच्छे हैं। 

हमारे कुत्ता के बिना हमारा परिवार अधूरा है।

 

आना  मैककेन    Anna McKane

 

 


 

घर के बाहर आसमान नीला है। 

आसमान में सूरज पीला है। 

हवा चल रही है मेरी कमीज़ में। 

चिड़िया, मछली, बहुत चीज है। 

बारिश में ठंडा पानी है। 

प्रकृति की में दीवानी हूँ।

घास का रंग हरी है।

बाहर में पूरी हैं।

रोज़ मैं बाहर जाती हूँ।

दुनिया के बारे में, समझती हूँ।

 

अनीशा रेड्डी     Anisha Reddy 

 

 

 


गोल गोल मीठा मीठा ।

जलेबी है रस भरा ।

गरम गरम कुरकरे ।

हम खाते है बड़े प्यार से ।

इसे बनाना बहुत आसान है ।

तुम आटा से शुरू करो |

तुम तेल में तालो ।

फिर चीनी की चाशनी में डालो ।

और मुंह में रखो

परिवार के साथ साझा करो । 

 

अनीश कारपूरपु      Anish Karpurapu

 

 

 

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मेरी माँ को मछली बहुत पसंद हैं,

इसलिए मेरे पिताजी उसकी मछली ख़रीदते हैं।

मेरे पिताजी को तस्वीरें पसंद हैं,

इसलिए मेरी माँ उसकी एक तस्वीर लेती हैं।

 

मेरे भाई को विडीओ गेम पसंद है,

इसलिए मैं उनका लैपटॉप तोड़ता हूँ।

मुझे ड्रॉइंग पसंद है,

इसलिए मेरा भाई मेरी पेन्सल तोड़ता है।

अमल गुप्ता     Amal Gupta

 


आकाश नीला है और घास हरी है।

प्रकृति बहुत सुंदर है

सूरज पीला है और बादल सफेद हैं।

बगीचे प्यार से भरे हुए हैं

पत्ते नारंगी हैं और मिट्टी काली है।

बगीचा मेरा दूसरा घर है

फूल गुलाबी हैं और कमल बैंगनी हैं।

प्रकृति बहुत ख़ूबसूरत है

मेरा दिल खुश है।

 हर चीज में प्यार है

 

अली जलाल      Ali Jalal 

 

 


 

 

 

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