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Hindi poems

प्राथमिक  हिंदी के विद्यार्थी 

डयूक विश्वविद्यालय 

नॉर्थ कैरोलाइना 

ईशा कलिकीरी

मेरा परिवार
मेरा परिवार मेरी जान है और
मेरी जान मेरा परिवार है।

हम अभी में साथ-साथ नहीं हैं, लेकिन
हम मेरे दिल में साथ-साथ हैं।

कभी-कभी हम लड़ते हैं
लेकिन ज़्यादातर हम हँसते हैं।

अगर मैं कामयाब होऊँ या नाकाम
वे मुझसे बहुत प्यार करेंगे।

अगर वे यहाँ या वहाँ हैं
मैं उनसे बहुत प्यार करूँगी।

याना शाह

मेरा घर
चार सुंदर कमरे
सब भरे हुए प्यार में
चारों तरफ़ दीवारें
सब में परिवार की तस्वीरें
खाने की लाजवाब ख़ुशबू
मेरा कुत्ता घर में चलता
और सब का स्वागत करता
मेरे पापा गिटार बजाते
और मैं सब के लिए पियानो बजाती
मम्मी और काव्या गाती
यह मेरा घर

आशनी शाह

मेरा घर
मेरा घर अच्छा
मेरा कुत्ता खेलता
मेरी बहन नाचती
मेरे माँ-बाप मज़े में
हमारे दिलों में प्रेम
मेरे दोस्त के पास
खाना मेज़ पर
मौसम सुंदर
मुझे मेरे घर से प्यार

आस्था पटेल

मेरा घर
मेरा घर
हमारा घर
छोटा सा घर
खुशियों से भरा
घर की यादें दिल भर देती
हर कोने में कहानी रहती
घर में बसता मेरा परिवार,
और उन सबका प्यार

धन्य बाला

दुनिया का घर
बड़ा, छोटा, साफ, गंदा,
सब घर सुंदर हैं
मेरे परिवार में कोई दीवार नहीं,
क्योंकि सिर्फ मेरा घर नहीं, यह हमारा घर है
बाहर धूप, अंदर खूबसूरत लड़की,
दोनों के बीच में, एक खिड़की।
दीवार पर तस्वीरें, यादों के साथ
चाय की खुशबू, भाई के साथ,
हर कोना, एक कहानी, खुशियों के साथ
पास और दूर, मेरा घर लोगों के लिए मशहूर

सरिस्मा मगर

मेरा दिल, मेरा परिवार
मेरा परिवार बहुत दूर
लेकिन वे दिल के क़रीब
दादी के खाना पकाने की ख़ुशबू
इसके साथ दादाजी की निरंतर सफ़ाई
फ़ोन हमेशा बजता रहता
और फ़ोन पर सब नेपाली बातें
नेपाली गाने “झिमझिमाउने आँखा” खूब बजाते
माँ-बाप रात में काम से आते
वे घर को और भी जीवंत बनाते
छोटे भाई के साथ हम हमेशा हँसते
घर को प्यार और ख़ुशी से भरते
दिल में मेरा परिवार रहता
भले ही वे बहुत दूर रहते

प्रियंका रामुलू

मेरा घर
मेरा परिवार मेरे घर में रहता
मेरा परिवार: माता, पिता, भाई
मेरे घर में प्यार
मेरे बग़ीचे में सुंदर फूल
मेरे घर का दिल बड़ा
मेरा घर तेरा घर
मुझे अपने घर की बहुत याद आती
मेरा घर, सबसे अच्छी जगह

हर्दित भूटानी

मेरा परिवार
मेरे पापा हर दिन बहुत मेहनत करते।
वे हमारे परिवार के लिए एक उदाहरण।

मेरी मम्मी ने मुझे प्यार से पाला।
उन्होंने मुझे अच्छे संस्कार दिए।

मेरी बहन ने मुझे पढ़ाई में मदद की।
वह हमेशा मेरे साथ रही।

मेरे भाई ने मुझे जीवन के बारे में सिखाया।
मैंने उसे बहुत सताया, पर वह मुझसे प्यार करता रहा।

हम सब एक-दूसरे से बहुत प्यार करते।
मेरा परिवार मेरे जीवन की सबसे बड़ी ताकत।

प्रणीथ मुव्वा

हर एक घर
घर एक दरवाज़ा
इसके अंदर किसी की आत्मा
हर एक दीवार एक खाली कैन्वस
हर एक रंग एक भावना
हर एक तस्वीर एक खिड़की
इसके अंदर किसी का दिल
हर एक कमरा एक कहानी
सभी कुर्सियों, मेज़ों और सामानों में
किसी की नज़र में
किसी का यह घर महल है

अंजलि रेड्डी

मेरे परिवार का प्यार
मेरा परिवार, मेरा दिल
हमारा समय नहीं मुश्किल
हर रविवार,
परिवार के साथ रहता है प्यार
आजकल हम दूर
लेकिन हम मिलेंगे ज़रूर
मेरे परिवार में एक बिल्ली
उसका रंग गाजरी
दो बहनें, एक पिता, एक माँ
मैं उनसे प्यार करूँगा चाहे वे यहाँ हों या वहाँ

डेना मैकलेचलिन

मेरा घर या मेरे कुत्ते का घर
मेरा घर मेरी शांति
कोई काम नहीं कोई चिंता नहीं
मेरा बिस्तर नीला मेरा सोफ़ा गुलाबी
लेकिन मैं अकेला नहीं हूँ
मेरे घर में मेरा कुत्ता भी है
कुत्ते के नाम माया है
माया छोटी है
लेकिन माया का चरित्र बड़ा है
सब कमरे में माया का फर
माया नहीं है, माया का गंध है
खुशबू-बदबू, उथल-पुथल
सब कमरे में
माया को धन्यवाद

प्रिय गोयल

खाना और मेरा परिवार
मेरी माँ ने मुझे चाय बनाना सिखाया।
मेरे पिता ने मुझे दाल बनाना सिखाया।
मेरी नानी ने मेरे लिये कढ़ी बनायी।
मेरे दादा ने मेरे लिये हलवा बनाया।
मेरी दीदी मेरे साथ खाना बनाती।
अब मुझे अपने परिवार का खाना याद आता।
जब मैं घर आती।
मैं परिवार के साथ खाना बनाती और खाना खाती।
क्योंकि उन्होंने मुझे सिखाया।
मैं कभी भूखी नहीं रहूँगी।

राघव राममूर्ति

मेरा घर
मेरा घर बहुत प्यारा है।
मेरे घर में मेरी माँ, पापा और बहन हैं।
मेरे घर में एक कुत्ता है।
कुत्ते का नाम आल है, वह बहुत छोटा है।
मेरी माँ का खाना बहुत अच्छा है।
मेरे पापा बगीचे का ख़याल रखते हैं।
मेरी बहन हमेशा टीवी देखती है।
मेरे कमरे में मेज़, कुर्सी और बिस्तर हैं।
हम मीडिया रूम में फ़िल्में देखते हैं।
हम सब साथ रहते हैं — माँ, पापा, बहन और कुत्ता।

आर्या कृष्णन

मेरा घर
मेरे मकान में ज़िंदगी सुंदर
सूरज उज्ज्वल है, मेरे मन में
मौसम सुंदर और छोटी खिड़कियों से
लाल फूल खिल रहे हैं
जब मैं घर पहले निकलती हूँ
मेरा दिल इस धूप वाली जगह को चाहता था
जहाँ प्रेम पक्का है मेरे मन में
लेकिन जैसे-जैसे मेरी उम्र बढ़ती जा रही है
मेरा सच्चा घर जहाँ
सूरज, हँसी और प्रेम हैं
जैसे-जैसे मेरी उम्र बढ़ती जा रही है
मैं आज़ादी से दौड़ सकती हूँ
जहाँ भी हवा चलती है
घर हमेशा मेरे साथ है

आशिव जैन

मेरा घर
मेरा घर इंडियाना में है
मेरा घर जिसमें मैं अठारह साल तक था
मेरा परिवार प्यार से घिरा है,
बास्केटबॉल की आवाज़,
खाने की खुशबू,
मैं उस घर में आराम से था
फिर भी, मैं चला गया
अब मैं ड्यूक में हूँ
नए लोगों से घिरा,
समय तो लगा
लेकिन अब ड्यूक ही मेरा घर

अनघा गौडा

मेरा घर, हमेशा
मेरे घर में मेरा परिवार,
बड़ी खिड़की,
और लाल फूल,
मेरी बहन के साथ,
खाना और हँसना।
बहुत साफ़ और सुंदर।
घर हमेशा बढ़िया।
जब मैं घर में हूँ, खुश हूँ।
घर छोटा,
लेकिन प्यार बड़ा।

प्रियंका मित्तल

माँ के हाथ का खाना
खाने से मुझे है प्यार,
छोले भटूरे और अचार,
कुछ खट्टा, कुछ मीठा,
सबसे अच्छा आलू का परांठा
बाहर का खाना बड़ा मज़ेदार,
पिज़्ज़ा, बर्गर, और गोलगप्पे हज़ार,
पर माँ के हाथ का जो है स्वाद,
वो नहीं किसी रेस्टोरेंट में बात।

गीतिका

खाना के लिए एक पत्र
मुझे आप पसंद हो,
कभी-कभी मीठा,
कभी-कभी तुम खट्टा,
कभी-कभी कड़वा,
इस मौसम में, तुम एक गर्म सूप,
अलग-अलग रूप,
कल मेरे पास तुम्हारे लिए काफ़ी समय नहीं,
मैं आलसी थी,
मुझे तुम्हारे लिए ज़्यादा पैसे चाहिए,
मुझे तुम चाहिए और तुम्हें मैं,
क्योंकि तुम्हें मैं बनाती,
और तुम मुझे खुश बनाती,
मेरा खाना बनाना।

नव्या गौतम

मेरा परिवार, मेरा जीवन
मेरा परिवार, मेरा जीवन,
हर खुशी का वह कारण।
माँ का प्यार मीठा सपना,
उनके बिना सब कुछ की चमक खोना।
पापा मेरी शक्ति, मेरा सहारा,
उनके बिना मन अधूरा।
छोटी बहन खेलती, हँसती,
उसके बिना मुस्कान न आती।
मेरा परिवार, मेरा जीवन,
सबके बिना मैं नहीं हूँ।

रायदा फ़ैज़ा

मेरे दिल में है मेरे अच्छे माता-पिता
हमारे घर में है बहुत लोगों के लिए जगह।
दरवाज़ा है हमारे लिए हमेशा खुला।
खुला है मेरे और मेरे बहन के लिए,
लेकिन दोस्तों के भी स्वागत हैं यहाँ।
शायद नहीं है हमारा घर सबसे बड़ा,
या सबसे हसीं या सबसे आलीशान,
लेकिन इस छोटे से घर में भी है प्यार भरा।
क्योंकि हम सबका दिल है बहुत बड़ा।
प्यार के लिए हम सब छोड़ेंगे।
पैसा भूलेंगे और दीवार तोड़ेंगे।
अगर कोई आए इस प्यार के बीच में,
फिर उसको मिलेगा जूता और थप्पड़!
परिवार के प्यार में बहुत लोग बजाते हैं बंदर।
उनके तरह हम भी बजाते हैं पागल!

अनय टिल्लू

मेरा छोटा घर
मेरा घर छोटा है।
मुझे सब कुछ अच्छा लगता है।
माँ रोज़ खाना बनाती है।
खुशबू मेरे पास आती है।
मेरे कमरे में रोशनी है।
यह बिल्कुल अच्छा लगता है।
रात में हम बातें करते हैं।
हम हँसते हैं और टहलते हैं।
मेरा घर मेरा है।
यह बहुत अच्छा लगता है।

राज

परिवार का मतलब
मेरे प्राण मेरे परिवार से।
मेरा परिवार मेरे लिए पहले है।
आपके लिए और कौन?
परिवार को एक बंधन की ज़रूरत है।
वरना परिवार क्या?
यह बंधन कहाँ से आता है?
मेरे परिवार का बंधन भगवान में विश्वास है।
भगवान का अनुराग हमारे लिए सुंदर है।
तुम्हारे परिवार का बंधन क्या है?
यह बंधन भूलना नहीं।

अक्षरा कृष्णा

मेरा घर
हमारे घर में शांति,
सुबह का मौसम सुहावना।
क्योंकि हमारा परिवार बढ़िया,
हमारे किचन में ताज़ी सब्ज़ियाँ।
माँ और पापा बनाते बढ़िया खाना,
मेरी छोटी बहन,
तेरह साल की बढ़िया,
जैकी पाँच साल का।
दोनों कुत्ते बढ़िया।
कल हमारे कुत्तों के जन्मदिन की पार्टी,
हमारे दोस्त घर पर,
और सबने खाना खाया।

 

 

 

 

 

माध्यमिक हिंदी के विद्यार्थी 

डयूक विश्वविद्यालय 

नॉर्थ कैरोलाइना 

 

Spandan Goel (स्पन्दन गोयल)

भारत मेरी नज़र में बड़ा परिवार है

घर में रोटी सब्ज़ी बनाना

नाना नानी के साथ मॉल जाना

और नए लहंगे की खरीदारी करना

भाई बहनों के साथ बॉलीवुड की फ़िल्में देखना

और बाहर से पानी पूरी और आलू टिक्की लाना

दिवाली पर पटाखे जलाना

फैंसी कपड़े और गहने पहनना

परिवार के साथ मिठाइयाँ बनाना 

और पड़ोसियों के साथ मिल बांट कर खाना

भगवान की मूर्तियों की पूजा करना

और घर को दीयों से सजाना

भारत मेरी नज़र में

सुंदरता का प्रमाण है

और दोस्तों और परिवार के साथ 

ख़ुशी है

Amal Gupta (अमल गुप्ता)

क्या कारण है, भारत वापस जाने के लिए?

जब हवाई-जहाज़ दिल्ली के ऊपर उड़ता

और में शहर की सुनहरी रोशनी देख सकती?

या जब में फ़्लैट की खिड़की के बाहर सब पड़ोसियों के कपड़े,

लाल या पीला या नीला, हवा मैं उड़ते हुए देख सकती?

या जब मेरे मामा का अलग-अलग तरह की पौधों के ख़ुशबू,

सुखद और मीठी, में सूंघ सकती?

जितना मुझे इस सब से प्यार है, में वापस जाती हूँ चाय के लिए,

चाय जो मेरी दादी बनाती हैं, चाय जो वह अख़बार के साथ पीली ट्रे पर लाती हैं,

और पूरा परिवार एक बिस्तर पर एक साथ बैठता हैं,

वह पीली ट्रे के आसपास,

चाय पीने के लिए।

लेकिन में अभी दूसरा कारण ढूँढना पड़ेगा,

शायद मैं ढूँढ सकती हूँ, गाड़ी में, दिल्ली के रास्ते चलते-चलते,

शायद मैं ढूँढ सकती हूँ, खिड़की के बाहर, चिड़ियों के गीत सुनते-सुनते,

शायद मैं ढूँढ सकती हूँ, पूरा दिल्ली में, पूरे भारत में,

लेकिन मुझे दादी की चाय, पीली ट्रे पर,

फिर से कभी नहीं मिल सकती 

 

 

 

 

 

 

Anisha Reddy (अनीशा रेड्डी)

मेरे शहर के बारे में एक शब्द सोचती हूँ: रंग ।

यहाँ, वहाँ, हर जगह रंग हैं । 

सब्जीवाले की दुकान में हरा, 

सहेलियों की साड़ियों में लाल और नीला,  

लोगों की खिड़कियों में पीला। 

रात में और भी रंग देखने चाहते है।

इमारत से रोशनी और बाज़ार में चीजें चमकती हैं।

लेकिन रंग सिर्फ़ देखने के लिए नहीं हैं। 

सुनने के लिए भी रंग होता है। 

मंदिर से भजन , मस्जिद से अज़ान ।  

रिक्शे की घंटियाँ, चिड़ियों के कलरव। 

शहर का रंग सुनने में संगीत जैसा होता है।

और ख़ुशबू में भी रंग होता है।

पुराने शहर में बिरयानी, फूलवाली गली में चमेली। 

अगर हवा चलती तो खूशबू आती । 

एक अनोखा समाँ बनाती। 

हैदराबाद का रंग सबसे अलग है।

Sahil Malhotra (साहिल मल्होत्रा)

छोटी सी ख़ुशी

 

भारत एक दीवाना देश है – भिन्न खाना, लोग, और भाषाओं की खिचड़ी का। 

शायद मैं पंजाब जाऊँ और पनीर मखनी खाऊँ 

या केरला देखूँ और दोसा-सांभर इडली खाऊँ। 

मेरे दादा-दादी ग्रेटर कैलाश, नई दिल्ली में हैं 

जब मैं दिल्ली जाऊँ अपने दादा-दादी से पूँछूँ 

कहाँ जाऊँ? क्या करूँ? क्या खाऊँ?

उनके तजुर्बे से कुछ नया सीखूँ। 

जब मैं छोटा था और मैं उनसे कहता था 

“चलो पार्क चलें, थोड़ा घूमें।” 

तब हम रोज़ पार्क जाते थे 

अब मेरी उम्र थोड़ी बड़ी है, और मेरे दादा-दादी की भी। 

मैं उनके साथ ट्रेन से अमृतसर या केरला या पुरानी दिल्ली जाता हूँ 

लेकिन धीरे धीरे यह नहीं हो पाएगा। 

क्योंकि 

दादी के दिल में पेसमेकर है 

दादा अस्सी साल के हो गए। 

अभी मेरी आशा है कि 

अगर हम सब साथ में पार्क जा पाएँ। 

हमारी छोटी सी ख़ुशी। 

Ayush Gaur (आयुष गौर)

भारत की कहानी 

 

इतने सारे रंग और रौनक़।  

लेकिन साथ नहीं-  

गरीब हैं, अमीर हैं।

बीच में एक बड़ी दीवार है।  

इसे भरने के लिए  

सबको एक दूसरे की मदद करनी चाहिए।  

दूसरों को पैसा देना चाहिए।  

दूसरों को ख़ुशियाँ देनी चाहिए। 

सभी के साथ दिवाली मनानी चाहिए। 

सभी के साथ क्रिसमस और ईद मनानी चाहिए। 

एक दूसरे को मिठाई और तोहफ़े देने चाहिए। 

तुम चाहे उनका नाम ना जानते हो। 

तुम चाहे उनका काम ना जानते हो।  

सड़कों पर लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाओ । 

यह हमें मिलकर करना होगा। 

सबको मौक़ा दो। 

पुराने को बदलो। 

शायद गुलाब जामुन मदद करे।

यह सबको पसंद है। 

सबका एक साथ हाथ पकड़ें।

जो कभी ना छूटे फ़ेविकोल का जोड़। 

और मुस्कान के साथ आगे बढ़ें।

Pranay Jain (भारत बहुत मजेदार है)

भा – भारत  सबसे अच्छा देश है.

र – रात में भारत ज़िंदा दिल है 

त – ताज महल वहां भारत में है 

ब – बहुत लोग महनती होते है 

ह – हर दिन सुंदर है 

उ – उदास, मैं कभी नहीं हूँ जब मैं भारत में हूँ 

त – ताज़ा खाना हर जगह है 

म – मुंबई, भारत का जुवल है 

जे – जेवर सबसे अच्छा है भारत में 

दा – दाल चावल बहुत स्वाद है भारत में 

र – रौनक़  हर दिन और हर जगह है 

औ – औरत और पुरुषं भारत से प्यार करते है 

र – रोज़ एक महान सूरज आता है 

सु – सुंदर समुद्र तट गोवा में है 

द – देखने के लिए , बहुत फिल्में है 

र – रंगों से खेलते है होली में 

है

Nitisha Gautam

भारत परिवार है

उत्तर भारत मेरे लिए घर जैसा है |

मैं भारत में नोएडा और आगरा की निवासी हूं |

मेरे लिए, भारत मुझे मेरी नानी, नाना, दादी और बाबा जी की याद दिलाता है |

मुझे उनका ताजा खाना खाने की याद दिलाता है |

मुझे उस बंदर की याद दिलाता है जो मेरी नानी के घर के बाहर रहता है |

मुझे रिक्शा में ताजमहल पहुंचने की याद दिलाता है |

मुझे लोगों की भीड़ के माध्यम से धकेलने की याद दिलाता है |

मुझे मेरी नानी के पिछवाड़े में फूल लगाने की याद दिलाता है |

मुझे टैक्सी कैब में डरने की याद दिलाता है |

Divya Nataraj (दिव्या नटराज)

मेरी नज़र में भारत परिवार है।

परिवार से मिलना,

साथ में खाना खाना,

और एक ही कमरे में सोना।

मेरी नज़र में भारत संस्कृति है।

मंदिर में पूजा करना,

अलग अलग त्योहार मनाना,

और बहनों के साथ साड़ी पहनना।

मेरी नज़र में भारत कला है।

अलग-अलग भाषाओं की फ़िल्में,

कर्नाटिक, हिंदुस्तानी, और रबिंदर संगीत,

भरतनात्यम, कथक, और ओडिसी नृत्य ।

मेरी नज़र में भारत लोग हैं।

घर के बाहर दुकानदार, धोबी,

ऑटोवाला, फलवालाऔर बस ड्राइवर,

रास्ते में सब्जीवाला, रंगबिरंगे फूलवाला, 

और सड़क किनारे गर्मागर्म चाय बेचता MBA चायवाला।

मेरी नज़र में भारत अलग-अलग वास्तुकलाएँ हैं।

दुकानों के ऊपर छोटे मकानों की कई परतें 

नयी ऊँची शीशमहल सी इमारतें दफ़्तर के लिए,

राजा-रानी के पुराने महल।

मेरी नज़र में भारत सब है।

Sabina Taneja (सबीना तनेजा)मेरी नज़र में 

भारत ज़िंदा दिल है 

विभिन्न रंगों, खानों, और गीतों का संगम 

पर मुझे पसंद 

नृत्य  है 

नृत्य एक कला है 

एक अभिव्यक्ति है 

जब मैं नृत्य करती हूँ 

मैं दिखाती  हूँ 

कि मैं कौन हूँ 

नृत्य की भंगिमाओं 

के जरिए। 

 

नृत्य मुझे एक 

मौक़ा देता 

आज़ाद होने का 

अपने आप से मिलने का। 

Sanjana Jha (संजना झा)

भोजन दुनिया को एक साथ लाता है। 

गरम मसाला आत्मा को प्रसन्न करता है। 

भोजन दुनिया को एक साथ लाता है। 

मसाले दुनिया के रसोई में स्वाद देता है।  

टमाटर ने भारत को रंग दिया।

भारत खुश है। 

हमारा खाना सबसे अच्छा है। 

भारत का स्वाद मीठा होता है। 

भोजन की गंध हवा में है। 

बाहर स्वादिष्ट है। 

बाहर खुश है। बाहर जीवन है। 

भारत रंगीन है। भारत सुंदर है। 

भारत में सबसे अच्छा खाना है।

Nirvan Silswal (निर्वाण सिलस्वाल)

रंग कुछ चीजों का प्रतीक है ।

जैसे शक्ति का प्रतीक सोना ।

वैभवता का प्रतीक बैंगनी 

बल का प्रतीक काला ।

शुद्धता के साथ सफ़ेद ।

नियंत्रण के लिए नीला ।

युद्ध के लिए लाल ।

और ग़रीबी के लिए धूमिल सा स्लेटी ।

ये रंग लोगों के भावों के बारे में बताता है। 

लेकिन भारत में हर जगह हर रंग हैं। 

शादियाँ शानदार रंगों से भरी होती हैं ।

चमकीले संतरी और सोने जैसे पीले 

गेंदे के फूल शादी की जान हैं।

होली में सारे रंग मिल जाते हैं ।

और बनाते हैं एक इंद्रधनुष। 

और दुनिया भारत के रंग देखती है 

और उसे भारत से प्यार हो जाता है। 

Rohit Jain (रोहित जैन)

नीली लाल गुलाबी चिंगारी  

मनमोहक आसमान सपनों सा 

हो जाता ऊपर मेला सा 

नीचे धुआँ धुआँ और ख़ासी ख़ासी 

बच्चे दौड़ते उधर उधर 

कानों में बस पटाखे सुनते 

रॉकेट, अनार मिनटों में जलते 

आकाश में उड़ते और सितारों से बनते 

लेकिन वापिस ज़मीन पर आते 

और कूड़ा और प्रदूषण करते 

बच्चों को कुछ मज़ा आता 

लेकिन प्रदूषण और बढ़ जाता 

नाना-नानी के घर जाओ 

और मिठाइयाँ खूब खाओ। 

यही यह असली दिवाली। 

 

Anushka Goel (अनुष्का गोयल)

हर इंसान दूसरे से अलग 

हर शख्स में छुपी कोई दिलचस्प कहानी 

जितने रंगीन लोग, उतनी रंगीन संस्कृति 

ज़िन्दगी के हर एक हिस्से में जहां मिले ज़िन्दगी, वह है भारत 

मसालों के रंगों में, गानों के सुरों में,

गाँव के खेतों में और शहर की भीड़ में

भारत सिर्फ एक जगह नहीं है, 

एक धड़कन है जो उसकी हर नदी, हर गली, 

हर बच्चे और हर बच्ची में 

धड़कता है। 


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