Author: Avi Jain

October 18, 2018 / / Uncategorized

पतझड़ में भी, फिरसे फूल खिलेंगे, तु हौंसला रख, इन कालस की खानो में, हीरे…

October 18, 2018 / / Uncategorized

मैं कभी तेरी ज़ुल्फ़ों में लहराता था, मैं कभी तेरे होंठों पे रहता था, मैं…